By: Ravindra Singh
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जिले के शामगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले डूंगरखेड़ी गांव में दो सगे भाई अपने घर के भीतर ही गुप्त रूप से नकली दूध तैयार करने का अवैध कारोबार चला रहे थे। हालांकि, पुलिस के छापे से ठीक पहले दोनों आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, डूंगरखेड़ी गांव में आबादी से थोड़ी दूर स्थित एक मकान में कृष्णपाल सिंह और शिवराज सिंह नामक दो भाई मिलकर बड़े पैमाने पर सिंथेटिक (नकली) दूध बना रहे थे। एक गुप्त सूचना के आधार पर शामगढ़ थाना पुलिस ने जब इस ठिकाने पर औचक दबिश दी, तो वहां का सामान देखकर पुलिसकर्मी भी दंग रह गए।
तलाशी के दौरान पुलिस ने मौके से लगभग 10 लीटर संदिग्ध नकली दूध के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक यूरिया खाद, पाम ऑयल, वनस्पति तेल, मिल्क पाउडर और दूध बनाने में प्रयुक्त होने वाले कई हाई-टेक उपकरण बरामद किए। इसके अलावा मौके से एक मिक्सर मशीन, कूलिंग उपकरण, पारस ब्रांड के तेल के डिब्बे, 25-25 किलो के पाउडर से भरे 7 कट्टे और वनस्पति तेल से भरी केन भी जब्त की गई हैं।
अब तक 1 हजार लीटर दूध खपाया, त्योहारों पर थी बड़ी साजिश
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि दोनों शातिर आरोपी अब तक स्थानीय बाजारों में 1,000 लीटर से अधिक नकली दूध खपा चुके हैं। वे असली और शुद्ध दूध में इस खतरनाक और जहरीले मिश्रण को मिलाकर आम लोगों को बेच रहे थे।
आरोपियों के मंसूबे और भी ज्यादा खतरनाक थे। वे आगामी त्योहारों के सीजन को ध्यान में रखते हुए इस अवैध कारोबार को बड़े पैमाने पर फैलाने की योजना बना रहे थे। त्योहारी सीजन के दौरान करीब 10,000 लीटर नकली दूध तैयार कर उसे बाजार में खपाने की पूरी तैयारी चल रही थी।
खाद्य विभाग ने लिए सैंपल, फरार आरोपियों की तलाश तेज
इस बड़ी कार्रवाई के तुरंत बाद पुलिस ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को इसकी सूचना दी। कुछ समय बाद मौके पर पहुंची खाद्य विभाग की टीम ने पंचनामा तैयार कर संदिग्ध दूध और अन्य जब्त सामग्रियों के नमूने (सेम्पल) लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं।
शामगढ़ थाना प्रभारी कपिल सौराष्ट्रीय ने बताया कि पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में मिलावटी सामान और उपकरण जब्त किए हैं। फिलहाल दोनों आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। हालांकि, दूध में यूरिया व अन्य रसायनों के उपयोग की आधिकारिक पुष्टि लैब की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
ग्वालियर में सीमेंट से नकली जीरा बनाने का मामला भी आ चुका है सामने
मध्य प्रदेश में मिलावटखोरों के हौसले कितने बुलंद हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इससे पहले ग्वालियर जिले से भी एक बेहद खतरनाक मामला सामने आया था। वहां सौंफ पर सीमेंट और हानिकारक केमिकल का लेप चढ़ाकर नकली जीरा तैयार किया जा रहा था, जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नकली जीरे से भरी 46 बोरियां जब्त की थीं।
One thought on “त्योहारी सीजन से पहले मंदसौर में पर्दाफाश: घर के अंदर चल रही थी नकली दूध की अवैध फैक्ट्री, यूरिया और पाम ऑयल का हो रहा था इस्तेमाल”