By: Ravindra Singh
भोपाल। मध्य प्रदेश में चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ का प्रभाव अब धीरे-धीरे कम होने लगा है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बादल, तेज हवाओं और हल्की बारिश का दौर देखने को मिल रहा था। अब मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को प्रदेश के केवल पांच जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है, जबकि बाकी इलाकों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
मौसम के इस बदलाव से त्योहारी सीजन में लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। धनतेरस और दीपावली के दौरान बारिश की संभावना नहीं है। वहीं, नवंबर के दूसरे सप्ताह से रात के तापमान में गिरावट के साथ ठंड का असर बढ़ सकता है।
MP के 5 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट, बाकी जगह मौसम रहेगा साफ
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ का असर कमजोर होने के बावजूद प्रदेश के कुछ पूर्वी जिलों में मौसम बदला हुआ रह सकता है। बुधवार को सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।
वहीं, राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम साफ रहने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही कम होने के साथ धूप निकल सकती है।
धनतेरस-दीपावली पर मौसम रहेगा अनुकूल, रात के तापमान में आएगी गिरावट
त्योहारों की खरीदारी और तैयारियों में जुटे लोगों के लिए मौसम विभाग की ओर से राहत भरा अनुमान सामने आया है। 5, 6 और 7 नवंबर को प्रदेश में आंधी और बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। ऐसे में धनतेरस और दीपावली पर मौसम साफ रहने की उम्मीद है।
दूसरी ओर, तूफान का असर घटने के साथ ही रात के तापमान में गिरावट शुरू हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों में न्यूनतम तापमान करीब 2 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है।
हालिया तापमान की बात करें तो पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाजापुर के गिरवर में 14.4 डिग्री, भोपाल में 15.1 डिग्री, नीमच के मरुखेड़ा में 15.4 डिग्री और कटनी के करौंदी में 15.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ।
पचमढ़ी में दिन का अधिकतम तापमान भी गिरकर 22 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। अमरकंटक, मलाजखंड, बैतूल, नरसिंहपुर और सिवनी में भी ठंड का असर महसूस किया जा रहा है। हालांकि, मंडला में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
नवंबर के दूसरे सप्ताह से बढ़ेगी ठंड, महीने के अंत में फिर हो सकती है बारिश
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, नवंबर के दूसरे सप्ताह से मध्य प्रदेश में सर्दी का असर और तेज हो सकता है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तरी हवाओं के कारण रात के तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।
प्रदेश के कई शहरों में नवंबर के महीने में पहले भी कड़ाके की ठंड पड़ चुकी है। पुराने रिकॉर्ड के अनुसार, ग्वालियर में नवंबर के दौरान न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जबकि उज्जैन में 53 साल पहले पारा 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
हालांकि, नवंबर में बारिश की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। भोपाल, इंदौर और जबलपुर सहित कई शहरों में इस महीने बारिश का पुराना रिकॉर्ड रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, नवंबर के तीसरे और चौथे सप्ताह में नए मौसमी सिस्टम सक्रिय होने पर प्रदेश के कुछ हिस्सों में फिर बारिश हो सकती है।
कुल मिलाकर, फिलहाल प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ रही हैं। त्योहारों के दौरान मौसम साफ रहने की उम्मीद है, जबकि नवंबर के मध्य से सर्दी का असर बढ़ने के आसार हैं।