छिंदवाड़ा के तामिया विकासखंड में शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्राम पंचायत चोपना के अंतर्गत बीजाढाना में शासकीय प्राथमिक शाला का भवन जर्जर होने के चलते पिछले दो महीने से बच्चों की कक्षाएं खेत में बने कच्चे मकान में संचालित हो रही हैं। ऐसे में मासूम बच्चे असुरक्षित और बदहाल परिस्थितियों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
जर्जर स्कूल भवन के कारण कच्चे मकान में लग रही कक्षाएं
बीजाढाना की शासकीय प्राथमिक शाला का भवन जर्जर होने के कारण बच्चों को स्कूल की नियमित कक्षाएं कच्चे मकान में लगानी पड़ रही हैं। पिछले दो महीने से इसी व्यवस्था के बीच बच्चों की पढ़ाई जारी है। खेत में बने कच्चे मकान में पढ़ने को मजबूर बच्चों की तस्वीर शिक्षा व्यवस्था की जमीनी स्थिति पर सवाल खड़े करती है।
अधिकारियों को कई बार दी गई जानकारी
जनशिक्षक दिलीप भारती के अनुसार, स्कूल भवन की मरम्मत को लेकर अधिकारियों को कई बार जानकारी दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लंबे समय से समस्या बनी रहने के कारण बच्चों की सुरक्षा और उनकी पढ़ाई को लेकर चिंता बनी हुई है।
आदिवासी क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
बीजाढाना आदिवासी क्षेत्र में आता है, जहां शिक्षा के लिए सरकार की ओर से करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के दावे किए जाते हैं। लेकिन जर्जर भवन के कारण बच्चों को कच्चे मकान में पढ़ना पड़ रहा है। इससे शिक्षा व्यवस्था की निगरानी और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। अब सवाल यह है कि बच्चों को सुरक्षित स्कूल भवन कब मिलेगा और जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या के समाधान के लिए कब ठोस कदम उठाएंगे।