उज्जैन। जिले की ग्राम पंचायत लिंबोदा तराना में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। करीब 35 से 40 ग्रामीण सोमवार को उज्जैन कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और रोजगार सहायक हरिनारायण देवड़ा के खिलाफ शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।
सर्वे और नाम जोड़ने के बदले पैसे मांगने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2024 में ग्राम लिंबोदा में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए सर्वे किया गया था। इस दौरान पात्र हितग्राहियों के नाम सूची में शामिल करने के नाम पर कथित रूप से 10 से 20 हजार रुपये तक की राशि मांगी गई।
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, जिन लोगों ने कथित तौर पर राशि देने से इनकार किया, उनमें से कुछ पात्र ग्रामीणों के नाम सर्वे सूची में शामिल नहीं किए गए। वहीं, कुछ लोगों का आरोप है कि पहले सूची में नाम होने के बावजूद बाद में उन्हें हटा दिया गया।
अपात्रों के नाम जोड़ने की भी शिकायत
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि योजना में निजी स्वार्थ के चलते कुछ अपात्र लोगों के नाम शामिल किए गए, जबकि पात्र हितग्राहियों को योजना के लाभ से वंचित किया गया। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
कलेक्टर से जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही कथित अनियमितताओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, रोजगार सहायक को पद से हटाने और वास्तविक पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग रखी गई है।
अब शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन मामले की जांच किस स्तर पर करता है और आरोपों में कितनी सच्चाई सामने आती है, यह देखने वाली बात होगी।