डिंडोरी। मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले की ग्राम पंचायत गणेशपुर में पंचायत भवन के निर्माण को लेकर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। निरीक्षण के दौरान भवन का निर्माण अधूरा पाए जाने पर कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बताया गया है कि निर्माण के लिए आवंटित करीब 40 लाख रुपये की राशि सरपंच, सचिव और पंचायत द्वारा पूरी निकाल ली गई, जबकि भवन का काम अब तक पूरा नहीं हुआ है।
निरीक्षण में सामने आई निर्माण कार्य की स्थिति
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने ग्राम पंचायत गणेशपुर में पंचायत भवन निर्माण की स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान आवंटित राशि के उपयोग और निर्माण कार्य की प्रगति को लेकर गंभीर सवाल सामने आए। करीब 40 लाख रुपये खर्च के लिए निकाले जाने के बावजूद भवन अधूरा मिलने पर प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया।
पंचायत सचिव को निलंबित करने के निर्देश
मामले में कलेक्टर ने पंचायत सचिव भगवत प्रसाद यादव को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, सरपंच अमर सिंह पट्टा से राशि की वसूली करने और उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से सरकारी धन के उपयोग और निर्माण कार्य में जिम्मेदारी तय करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
निर्माण पूरा करने के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम
जानकारी के अनुसार, सरपंच को पंचायत भवन का निर्माण पूरा करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि निर्धारित अवधि में काम पूरा होता है या नहीं और मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है। अधूरे निर्माण के बीच पूरी राशि निकाले जाने के मामले ने पंचायत स्तर पर सरकारी धन के इस्तेमाल और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
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