अनूपपुर जिले की जनपद पंचायत जैतहरी अंतर्गत ग्राम पंचायत चोरभठी की एक विधवा महिला ने पंचायत सचिव और रोजगार सहायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि पति की मृत्यु के बाद उससे कथित रूप से पैसे की मांग की गई थी। मांग पूरी नहीं होने पर उसका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची से हटा दिया गया। पीड़िता पिछले आठ महीनों से न्याय की मांग को लेकर विभिन्न सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रही है।
सचिव और रोजगार सहायक पर लगाए आरोप
ग्राम पंचायत चोरभठी निवासी रामबाई राठौड़ का आरोप है कि पंचायत सचिव योगप्रताप राठौड़ और रोजगार सहायक विजय राठौड़ ने उसे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के बदले पैसे की मांग की थी। महिला का कहना है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह राशि नहीं दे सकी, जिसके बाद उसका नाम योजना से हटा दिया गया।
पीड़िता का आरोप है कि इस वजह से उसे सरकारी योजना के लाभ से वंचित होना पड़ा और आज भी वह अपने बच्चों के साथ आवास की समस्या से जूझ रही है।
न्याय की आस में प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर
महिला का कहना है कि वह पिछले कई महीनों से जनपद पंचायत, जिला पंचायत, एसडीएम कार्यालय और कलेक्ट्रेट में शिकायतें दे चुकी है, लेकिन अब तक उसे कोई ठोस राहत नहीं मिली है। करीब एक माह पहले वह अपने दो बच्चों के साथ सुबह से देर रात तक कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर में बैठी रही थी और न्याय की मांग करती रही।
उस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की ओर से जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन पीड़िता का दावा है कि अब तक जांच पूरी नहीं हुई और न ही उसे किसी प्रकार का न्याय मिला है।
कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
निराश महिला ने एक बार फिर एसडीएम कार्यालय, कोतवाली थाना, जिला पंचायत और कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपकर जल्द जांच पूरी करने की मांग की है। महिला का कहना है कि यदि एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वह गांव की महिलाओं और बच्चों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देने को मजबूर होगी।
पीड़िता ने चेतावनी दी है कि जब तक उसे न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वह अपना आंदोलन जारी रखेगी, चाहे इसके लिए उसे किसी भी परिस्थिति का सामना क्यों न करना पड़े।